Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    THE BNS SECTION
    • Home
    • IPC
      • BNS
    • Crimes & Punishments
    • Law
    • Legal Sections
    • Article
    • Contact Us
    • About US
      • Privacy Policy
      • Terms & Conditions
    THE BNS SECTION
    Home - BNS - 85 BNS in Hindi: पति की क्रूरता पर 3 साल की सजा — जानिए पूरी सच्चाई
    BNS

    85 BNS in Hindi: पति की क्रूरता पर 3 साल की सजा — जानिए पूरी सच्चाई

    ShivBy ShivJune 22, 2026
    85 BNS in Hindi: पति की क्रूरता पर 3 साल की सजा — जानिए पूरी सच्चाई

    Last Updated: 22 June 2026

    सोचिए — एक महिला जो हर रोज़ घर में अपमान सहती है। पति मारता है, सास-ससुर दहेज माँगते हैं, और कोई सुनने वाला नहीं।

    क्या उसके पास कोई उम्मीद है?

    जी हाँ। और उस उम्मीद का नाम है — 85 BNS in Hindi, यानी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85।

    यह वह कानून है जो पति और उसके रिश्तेदारों को एक विवाहित महिला पर क्रूरता करने से रोकता है। और अगर वो फिर भी करें? तो 3 साल की जेल और जुर्माना — बिना ज़मानत के।

    Table of content

    Toggle
    • धारा 85 BNS — एक ऐसा कानून जो हर शादीशुदा महिला को पता होना चाहिए
    • धारा 85 BNS — एक नज़र में
    • 85 BNS क्या है? — सरल भाषा में समझिए
    • “क्रूरता” का मतलब क्या है? — धारा 86 BNS के अनुसार
    • IPC 498A और 85 BNS में क्या फ़र्क है? — 80 85 BNS in Hindi
    • 85 BNS में सज़ा क्या है? — 85 BNS in Hindi Saja Kya Hai
    • 85 BNS Bailable है या Non-Bailable? — 85 BNS in Hindi Bailable or Not
    • क्रूरता के उदाहरण — कौन से मामले इस धारा में आते हैं?
    • शिकायत कैसे करें? — 85 BNS in Hindi के तहत FIR दर्ज करवाने का तरीका
    • 85 BNS in Hindi और Domestic Violence Act में फ़र्क
    • क्या कानून का दुरुपयोग भी होता है?
    • सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले
    • FIR दर्ज करने की समय सीमा
    • अगर झूठा मामला दर्ज हो जाए — तो क्या करें?
    • 🔗 बाहरी संसाधन
    • निष्कर्ष (Conclusion)
    • Read More:
    • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
      • Q1. 85 BNS in Hindi क्या है?
      • Q2. Section 85 BNS in Hindi में क्या सजा है?
      • Q3. क्या 85 BNS बेलेबल है?
      • Q4. 85 BNS in Hindi IPC से कैसे अलग है?
      • Q5. Dhara 85 BNS in Hindi के तहत कौन शिकायत कर सकता है?
      • Q6. क्या 85 BNS में मानसिक प्रताड़ना भी शामिल है?
      • Q7. क्या केस दर्ज होने के बाद वापस लिया जा सकता है?
      • Q8. 80 85 BNS in Hindi — क्या यह अलग धारा है?
      • Q9. क्या सिर्फ पत्नी ही शिकायत कर सकती है?
      • Q10. अगर झूठा केस दर्ज हो तो क्या करें?

    धारा 85 BNS — एक ऐसा कानून जो हर शादीशुदा महिला को पता होना चाहिए

    इस लेख में हम आपको Section 85 BNS in Hindi की पूरी जानकारी देंगे। सरल भाषा में, बिना किसी कानूनी जटिलता के। तो चाय बनाइए, बैठिए, और पढ़िए।

    अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी भारतीय न्याय संहिता 2023, सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और सार्वजनिक कानूनी स्रोतों पर आधारित है। यह लेख किसी भी प्रकार की कानूनी सलाह नहीं है। किसी भी कानूनी मामले में अपने वकील से परामर्श अवश्य लें। कानून और इसकी व्याख्या समय-समय पर बदल सकती है।

    धारा 85 BNS — एक नज़र में

    विवरण जानकारी
    धारा का नाम 85 BNS in Hindi — पति या पति के रिश्तेदार द्वारा महिला पर क्रूरता
    पुराना कानून IPC धारा 498A (अब BNS धारा 85 से बदला गया)
    लागू हुआ 1 जुलाई 2024
    सजा (85 BNS in Hindi Saja) 3 साल तक की कैद + जुर्माना
    जमानत Non-Bailable (जमानत अधिकार नहीं, कोर्ट की मर्ज़ी)
    अपराध की श्रेणी Cognizable (FIR बिना कोर्ट अनुमति के)
    समझौता Non-Compoundable (शिकायत वापस नहीं ली जा सकती)
    किस कोर्ट में चलेगा प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
    कौन शिकायत कर सकता है पीड़ित महिला, उसके रिश्तेदार, या अधिकृत सरकारी अधिकारी

    85 BNS क्या है? — सरल भाषा में समझिए

    Dhara 85 BNS in Hindi का मतलब है — अगर कोई पति या उसके रिश्तेदार किसी विवाहित महिला के साथ क्रूरता करते हैं, तो उन्हें सज़ा मिलेगी।

    कानून की भाषा में:

    “जो कोई भी, किसी महिला का पति या पति का रिश्तेदार होते हुए, उस महिला के साथ क्रूरता करता है, उसे तीन वर्ष तक के कारावास की सज़ा दी जाएगी और वह जुर्माने का भी भागी होगा।”

    अब आप सोच रहे होंगे — “क्रूरता” का मतलब सिर्फ मारपीट है क्या?

    नहीं! Section 85 BNS in Hindi में क्रूरता की परिभाषा बहुत व्यापक है। इसे धारा 86 BNS में विस्तार से समझाया गया है।

    “क्रूरता” का मतलब क्या है? — धारा 86 BNS के अनुसार

    Section 85 BNS के साथ धारा 86 भी पढ़नी ज़रूरी है, क्योंकि यही “क्रूरता” की परिभाषा देती है।

    धारा 86 के अनुसार, क्रूरता का अर्थ है:

    1. जानबूझकर किया गया ऐसा आचरण जो:

    • महिला को आत्महत्या के लिए मजबूर कर सकता हो
    • उसके जीवन, अंग या स्वास्थ्य (मानसिक या शारीरिक) को गंभीर नुकसान पहुँचाता हो

    2. उत्पीड़न जो इस उद्देश्य से किया गया हो:

    • महिला या उसके रिश्तेदारों को किसी अवैध माँग (जैसे दहेज, संपत्ति) पर मजबूर करना
    • ऐसी माँग पूरी न करने पर प्रताड़ित करना

    सीधे शब्दों में कहें तो — 85 BNS in Hindi सिर्फ शारीरिक मारपीट तक सीमित नहीं है। मानसिक तकलीफ, दहेज की माँग, भावनात्मक प्रताड़ना — सब कुछ इसमें आता है।

    IPC 498A और 85 BNS में क्या फ़र्क है? — 80 85 BNS in Hindi

    बहुत से लोग पूछते हैं कि “क्या 498A और 85 BNS in Hindi IPC एक ही चीज़ है?”

    जवाब है — लगभग हाँ, लेकिन नाम और संरचना बदल गई।

    तुलना बिंदु IPC धारा 498A 85 BNS
    लागू हुआ 1983 1 जुलाई 2024
    सज़ा 3 साल + जुर्माना 3 साल + जुर्माना
    जमानत Non-Bailable Non-Bailable
    परिभाषा कहाँ धारा 498A में ही अलग से धारा 86 में
    दायरा पत्नी तक सीमित व्यापक — घरेलू संबंध
    वर्तमान स्थिति 1 जुलाई 2024 से निरस्त अभी लागू

    सुप्रीम कोर्ट ने खुद कहा है — 85 BNS in Hindi और IPC 498A का सार एक ही है। बस धारा नंबर और ढाँचा बदला है।

    महत्वपूर्ण बात: 1 जुलाई 2024 से पहले हुए अपराधों में अभी भी पुरानी IPC 498A ही लागू होगी। नई धारा सिर्फ नए मामलों पर लागू होती है।

    85 BNS में सज़ा क्या है? — 85 BNS in Hindi Saja Kya Hai

    यह वह सवाल है जो सबसे ज़्यादा पूछा जाता है।

    85 BNS in Hindi Saja के बारे में कानून बिल्कुल स्पष्ट है:

    • कारावास: अधिकतम 3 वर्ष तक
    • जुर्माना: न्यायाधीश तय करेंगे (कोई न्यूनतम या अधिकतम सीमा तय नहीं)
    • दोनों साथ: जेल और जुर्माना — दोनों एक साथ लग सकते हैं

    85 BNS in Hindi Punishment की एक खास बात यह है कि जुर्माने की राशि कानून में तय नहीं की गई है। यह मामले की गंभीरता के अनुसार न्यायाधीश खुद तय करते हैं।

    Expert Insight 💡 “धारा 85 BNS की सज़ा तीन साल तक की जेल है, लेकिन यह न्यूनतम नहीं है — यह अधिकतम है। कोर्ट हालात के अनुसार कम सज़ा भी दे सकता है। इसीलिए मामले की मज़बूती — यानी सबूत और गवाह — बेहद ज़रूरी होते हैं।” — कानूनी विश्लेषण, भारतीय न्याय संहिता 2023 के आधार पर

    85 BNS Bailable है या Non-Bailable? — 85 BNS in Hindi Bailable or Not

    यह सवाल सबसे ज़रूरी है — खासकर उन लोगों के लिए जो इस कानून के दायरे में आ सकते हैं।

    जवाब: 85 BNS in Hindi एक Non-Bailable अपराध है।

    इसका मतलब क्या है?

    • आरोपी को बेल पाना अधिकार नहीं है।
    • बेल के लिए कोर्ट के सामने जाना पड़ेगा।
    • कोर्ट मामले की गंभीरता देखकर फैसला करेगा।

    साथ ही यह Cognizable अपराध है — यानी पुलिस बिना कोर्ट की अनुमति के FIR दर्ज कर सकती है और गिरफ्तारी कर सकती है।

    और यह Non-Compoundable भी है — मतलब एक बार FIR दर्ज हो जाए, तो पीड़ित महिला बाद में केस वापस नहीं ले सकती।

    यह तीनों बातें मिलकर Section 85 BNS in Hindi को बेहद शक्तिशाली कानूनी हथियार बनाती हैं।

    क्रूरता के उदाहरण — कौन से मामले इस धारा में आते हैं?

    अब बात करते हैं असली ज़िंदगी की। Dhara 85 BNS in Hindi किन परिस्थितियों में लागू होती है?

    ✅ इन मामलों में धारा 85 BNS लागू होगी:

    1. दहेज के लिए मारपीट: पति या सास-ससुर दहेज के लिए महिला को पीटते हैं।
    2. मानसिक प्रताड़ना: हर रोज़ अपमान, धमकी, या घर से निकालने की धमकी — यह भी क्रूरता है।
    3. आत्महत्या के लिए मजबूर करना: ऐसा माहौल बनाना जहाँ महिला को लगे कि जीना मुश्किल है।
    4. संपत्ति की अवैध माँग: महिला के माता-पिता से पैसे या ज़मीन माँगना और न मिलने पर उसे तकलीफ देना।
    5. शारीरिक नुकसान: चोट पहुँचाना जो स्वास्थ्य को नुकसान दे।

    ❌ इन मामलों में आम तौर पर धारा 85 लागू नहीं होगी:

    • छोटी-मोटी बहस या घरेलू नोकझोंक जिसमें कोई गंभीर नुकसान न हो
    • ऐसे झगड़े जो सामान्य वैवाहिक असहमति की सीमा में हैं

    शिकायत कैसे करें? — 85 BNS in Hindi के तहत FIR दर्ज करवाने का तरीका

    अगर कोई महिला Dhara 85 BNS in Hindi के तहत शिकायत करना चाहती है, तो कैसे करे?

    Step 1: नज़दीकी पुलिस स्टेशन जाएँ महिला खुद, उसके रिश्तेदार (खून से, शादी से, या गोद से), या किसी अधिकृत सरकारी अधिकारी के ज़रिए FIR दर्ज हो सकती है।

    Step 2: सबूत इकट्ठे करें

    • मेडिकल रिपोर्ट (अगर चोट लगी हो)
    • WhatsApp मैसेज, ईमेल, चिट्ठियाँ
    • बैंक स्टेटमेंट (दहेज संबंधी लेन-देन के लिए)
    • गवाह — पड़ोसी, परिवार

    Step 3: अगर पुलिस FIR न दर्ज करे मजिस्ट्रेट के सामने सीधे शिकायत दर्ज की जा सकती है (BNSS की धारा 223 के तहत)।

    Step 4: FIR के बाद पुलिस को जाँच करनी होगी। Arnesh Kumar v. State of Bihar (2014) के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार — पुलिस को बिना सोचे-समझे गिरफ्तारी नहीं करनी चाहिए, जाँच पहले ज़रूरी है।

    85 BNS in Hindi और Domestic Violence Act में फ़र्क

    बहुत लोग पूछते हैं — “क्या Section 85 BNS और Domestic Violence Act (DV Act) एक ही है?”

    नहीं। दोनों अलग हैं।

    पहलू 85 BNS Domestic Violence Act 2005
    प्रकृति आपराधिक (Criminal) दीवानी (Civil)
    उद्देश्य सज़ा दिलाना सुरक्षा, भरण-पोषण, निवास अधिकार
    कौन दर्ज कर सकता है केवल विवाहित महिला Live-in में रहने वाली भी
    परिणाम जेल + जुर्माना Protection Order, Maintenance

    क्या दोनों साथ दर्ज हो सकते हैं? हाँ! महिला एक साथ 85 BNS के तहत आपराधिक शिकायत और DV Act के तहत सिविल राहत दोनों माँग सकती है।

    क्या कानून का दुरुपयोग भी होता है?

    यह एक ज़रूरी सवाल है, और इसका ईमानदार जवाब देना ज़रूरी है।

    दिल्ली की 5 जिला अदालतों से मिले RTI डेटा के अनुसार, 2021 से 2024 के बीच 9,950 धारा 85 BNS (पुरानी 498A) के मामलों में से केवल 23 (0.2%) में सज़ा हुई। करीब 47% मामले कोर्ट ने खारिज किए।

    यह आँकड़ा दो बातें बताता है:

    1. या तो सबूत कमज़ोर होते हैं
    2. या कुछ मामलों में कानून का दुरुपयोग होता है

    सुप्रीम कोर्ट ने Rajesh Sharma v. State of U.P. (2017) में कहा था कि Section 85 BNS जैसे प्रावधानों का इस्तेमाल सोच-समझकर होना चाहिए। Family Welfare Committees बनाने की सिफारिश भी की गई थी।

    लेकिन यह भी सच है — लाखों महिलाएँ असली प्रताड़ना झेलती हैं। NCRB डेटा हर साल हज़ारों दहेज हत्याओं और क्रूरता के मामले दर्ज करता है।

    इसलिए कानून को न बहुत कमज़ोर होना चाहिए, न इसका दुरुपयोग होना चाहिए।

    Expert Insight 💡 “85 BNS in Hindi एक ढाल है — असली पीड़िता के लिए। लेकिन जब यह तलवार बन जाए — झूठे मामलों में — तो पूरी न्याय प्रणाली पर बोझ पड़ता है। संतुलन ज़रूरी है: सज़ा भी, सुरक्षा भी, और प्रक्रिया भी।” — BNS 2023 के विश्लेषण पर आधारित कानूनी दृष्टिकोण

    सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले

    1. Arnesh Kumar v. State of Bihar (2014) पुलिस बिना सोचे-समझे धारा 85/498A में गिरफ्तारी नहीं कर सकती। SP की मंज़ूरी ज़रूरी है।

    2. Rajesh Sharma v. State of U.P. (2017) परिवार के हर सदस्य को अपने-आप आरोपी नहीं बनाया जाए। Family Welfare Committees बनाई जाएँ।

    3. Shivangi Bansal v. Sahib Bansal (2025) सुप्रीम कोर्ट ने “Cooling Period” की अवधारणा को स्वीकार किया — यानी FIR दर्ज होने के बाद एक समय दिया जाए जिसमें मामले को सुलझाने की कोशिश हो।

    4. Social Action Forum for Manav Adhikar (2018) 85 BNS in Hindi (498A) संवैधानिक रूप से वैध है। दहेज की जड़ें समाज में गहरी हैं और कानून की ज़रूरत बनी रहेगी।

    FIR दर्ज करने की समय सीमा

    85 BNS in Hindi के तहत शिकायत की कोई सख्त वैधानिक समय सीमा नहीं है। लेकिन कानूनी विशेषज्ञ सलाह देते हैं:

    • घटना के जितना जल्दी हो सके शिकायत करें
    • देरी से मामले की विश्वसनीयता कमज़ोर होती है
    • आम तौर पर 3 साल के भीतर शिकायत करना बेहतर माना जाता है

    अगर झूठा मामला दर्ज हो जाए — तो क्या करें?

    अगर आप पर Dhara 85 BNS in Hindi के तहत झूठा मामला दर्ज हुआ है, तो घबराएँ नहीं:

    1. तुरंत वकील से संपर्क करें
    2. Anticipatory Bail (अग्रिम ज़मानत) के लिए आवेदन करें — BNSS की धारा 482 के तहत
    3. High Court में FIR खारिज करने की अर्जी दें — BNSS की धारा 528 के तहत
    4. सबूत इकट्ठे करें जो आपकी निर्दोषता साबित करें
    5. सोशल मीडिया पर कुछ न लिखें — यह आपके खिलाफ इस्तेमाल हो सकता है

    🔗 बाहरी संसाधन

    85 BNS in Hindi से जुड़े कानूनी पहलुओं को और गहराई से समझने के लिए, आप भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भारतीय न्याय संहिता 2023 का पूरा पाठ पढ़ सकते हैं: 👉 India Code — Bharatiya Nyaya Sanhita 2023

    यह Government of India की आधिकारिक साइट है जहाँ आप 85 BNS सहित सभी धाराओं का मूल पाठ पढ़ सकते हैं।

    निष्कर्ष (Conclusion)

    85 BNS in Hindi — यानी भारतीय न्याय संहिता की धारा 85 — एक ऐसा कानून है जो विवाहित महिलाओं को उनके अपने घर में सुरक्षित रखने के लिए बना है।

    यह IPC की पुरानी धारा 498A की जगह आया है, लेकिन इसका उद्देश्य और सार वही है — पति और उसके रिश्तेदारों द्वारा की जाने वाली क्रूरता पर अंकुश।

    85 BNS in Hindi Saja की बात करें तो — 3 साल की जेल और जुर्माना। यह Non-Bailable, Cognizable और Non-Compoundable अपराध है।

    यह कानून एक ढाल है — उन महिलाओं के लिए जो हर रोज़ डर में जीती हैं।

    लेकिन साथ ही, यह भी ज़रूरी है कि इसका इस्तेमाल सोच-समझकर हो। असली पीड़िताओं को इंसाफ मिले, और निर्दोषों को परेशानी न हो।

    Section 85 BNS in Hindi को जानना — हर भारतीय नागरिक का अधिकार और कर्तव्य दोनों है।

    Read More:

    • THE BNS SECTION
    • Article 21 of Indian Constitution
    • 341 IPC in Hindi
    • 137(2) Bns in Hindi
    • 144 BNSS in Hindi
    •  302 धारा क्या है
    • 281 BNS
    • 352 BNS in Hindi
    • 354 IPC in Hindi
    • 351(3) BNS in Hindi
    • 115(2) BNS in Hindi
    • 333 BNS in Hindi
    • 74 BNS in Hindi

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. 85 BNS in Hindi क्या है?

    85 BNS in Hindi यानी भारतीय न्याय संहिता की धारा 85 — यह वह कानून है जो पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा विवाहित महिला पर की जाने वाली क्रूरता को दंडनीय अपराध बनाता है।

    Q2. Section 85 BNS in Hindi में क्या सजा है?

    85 BNS in Hindi Saja के तहत अधिकतम 3 साल की जेल और जुर्माना है। जुर्माने की राशि न्यायाधीश तय करते हैं।

    Q3. क्या 85 BNS बेलेबल है?

    नहीं। 85 BNS in Hindi Bailable or Not — यह Non-Bailable है। आरोपी को ज़मानत का अधिकार नहीं है, कोर्ट अपने विवेक से ज़मानत देती है।

    Q4. 85 BNS in Hindi IPC से कैसे अलग है?

    85 BNS in Hindi IPC की जगह ही है — यह IPC 498A का ही नया रूप है जो 1 जुलाई 2024 से लागू है। सज़ा और प्रकृति लगभग एक जैसी है।

    Q5. Dhara 85 BNS in Hindi के तहत कौन शिकायत कर सकता है?

    पीड़ित महिला खुद, उसके रक्त या विवाह से जुड़े रिश्तेदार, या सरकार द्वारा अधिकृत सार्वजनिक सेवक शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

    Q6. क्या 85 BNS में मानसिक प्रताड़ना भी शामिल है?

    बिल्कुल! Section 85 BNS in Hindi में शारीरिक और मानसिक — दोनों प्रकार की क्रूरता शामिल है।

    Q7. क्या केस दर्ज होने के बाद वापस लिया जा सकता है?

    नहीं। 85 BNS Non-Compoundable है — एक बार FIR दर्ज हो जाए तो महिला इसे वापस नहीं ले सकती। हाँ, High Court से settlement के आधार पर quashing ज़रूर हो सकती है।

    Q8. 80 85 BNS in Hindi — क्या यह अलग धारा है?

    80 85 BNS in Hindi अलग-अलग धाराएँ हैं। धारा 80 BNS कुछ और विषय पर है। 85 BNS विशेष रूप से पति/रिश्तेदार द्वारा क्रूरता से जुड़ी है।

    Q9. क्या सिर्फ पत्नी ही शिकायत कर सकती है?

    Dhara 85 BNS के तहत मुख्यतः विवाहित महिला की सुरक्षा है। लेकिन शिकायत महिला के अलावा उसके रिश्तेदार भी कर सकते हैं।

    Q10. अगर झूठा केस दर्ज हो तो क्या करें?

    BNSS की धारा 482 के तहत Anticipatory Bail और धारा 528 के तहत High Court में FIR quash करवाने की अर्जी दें। तुरंत वकील से संपर्क करें।

    इस लेख को अंत तक पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद! उम्मीद है कि 85 BNS in Hindi से जुड़ी यह जानकारी आपके काम आई होगी। इसे उन लोगों के साथ ज़रूर शेयर करें जिन्हें इसकी ज़रूरत हो।

    Explore more blogs at: Iconichonors.com

    80 85 Bns in Hindi 85 85 Bns 85 Bns in Hindi 85 Bns in Hindi Bailable or Not 85 Bns in Hindi in Ipc 85 Bns in Hindi Ipc 85 Bns in Hindi Punishment 85 Bns in Hindi Saja 85 Bns in Hindi Saja Kya Hai Dhara 85 Bns in Hindi Section 85 Bns in Hindi
    Shiv

    एक Legal Content Writer हैं, जो भारतीय कानून और कानूनी जागरूकता से जुड़े विषयों पर सरल, सटीक और रिसर्च-आधारित लेख लिखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक भरोसेमंद कानूनी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे अपने अधिकारों और कानूनी प्रक्रियाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।

    Latest Post

    352 BNS: 5 Alarming Truths About Bail & Punishment

    ShivJuly 17, 2026

    Last Updated: July 17, 2026 So someone mentioned “352 BNS” to you — maybe a…

    106 BNS in Hindi: 7 ज़रूरी बातें जो हर किसी को पता होनी चाहिए

    July 16, 2026

    324 IPC in Hindi: सज़ा, जमानत की 6 सच्चाइयां जो जानना ज़रूरी है!

    July 15, 2026

    IPC 323 in Hindi : 6 ज़रूरी बातें जो हर किसी को पता होनी चाहिए

    July 14, 2026

    126(2) BNS: 5 Bold Truths About Wrongful Restraint

    July 13, 2026
    Recent Post

    352 BNS: 5 Alarming Truths About Bail & Punishment

    July 17, 2026

    106 BNS in Hindi: 7 ज़रूरी बातें जो हर किसी को पता होनी चाहिए

    July 16, 2026

    324 IPC in Hindi: सज़ा, जमानत की 6 सच्चाइयां जो जानना ज़रूरी है!

    July 15, 2026
    Most Popular

    IPC 323 in Hindi : 6 ज़रूरी बातें जो हर किसी को पता होनी चाहिए

    July 14, 2026

    126(2) BNS: 5 Bold Truths About Wrongful Restraint

    July 13, 2026

    190 Bns in Hindi: सजा, जमानत और कानून की पूरी जानकारी

    July 13, 2026
    © 2026 All Right Reserved By Thebnssection.com.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.